पटवारी (जिसे कई राज्यों में लेखपाल भी कहा जाता है) राजस्व विभाग का ज़मीनी स्तर का अधिकारी होता है। इसका काम मुख्य रूप से भूमि रिकॉर्ड (land records) से जुड़ा होता है।
🧾 पटवारी के मुख्य काम
भूमि रिकॉर्ड रखना और अपडेट करना
खसरा, खतौनी, जमाबंदी आदि का रिकॉर्ड तैयार करना और अपडेट रखना।
नामांतरण (Mutation) करना
जमीन खरीद-फरोख्त, विरासत (मृत्यु के बाद), या दान आदि के बाद मालिक का नाम बदलना।
फसल का रिकॉर्ड (गिरदावरी) तैयार करना
कौन सी जमीन पर कौन सी फसल बोई गई है, इसका रिकॉर्ड रखना।
भूमि की नाप-जोख (माप)
जमीन की सीमाओं का निर्धारण और विवाद की स्थिति में माप करना।
राजस्व वसूली से जुड़ा काम
भू-राजस्व/लगान आदि से संबंधित जानकारी देना।
सरकारी योजनाओं के लिए सत्यापन
किसान योजनाएं, मुआवजा, फसल बीमा आदि में जमीन का सत्यापन करना।
👨🌾 एक आम नागरिक पटवारी से क्या-क्या काम करवा सकता है?
जमीन का खसरा/खतौनी/जमाबंदी की नकल लेना
नामांतरण (दाखिल-खारिज) करवाना
जमीन की नाप करवाना
फसल नुकसान का पंचनामा/रिपोर्ट बनवाना
सरकारी योजना के लिए भूमि सत्यापन
जमीन से जुड़ा रिकॉर्ड सुधार (गलती ठीक करवाना)
❗ अगर पटवारी काम न करे या परेशान करे तो कहाँ शिकायत करें?
तहसीलदार / नायब तहसीलदार
पटवारी सीधे तहसीलदार के अधीन काम करता है।
सबसे पहले तहसील कार्यालय में लिखित शिकायत दें।
एसडीएम (उप-जिलाधिकारी)
तहसीलदार से समाधान न मिले तो SDM को शिकायत करें।
जिला कलेक्टर / जिलाधिकारी
जिले का सर्वोच्च राजस्व अधिकारी।
जनसुनवाई में भी शिकायत कर सकते हैं।
राज्य का राजस्व विभाग पोर्टल
कई राज्यों में ऑनलाइन शिकायत पोर्टल उपलब्ध है।
लोकायुक्त / भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो
यदि रिश्वत की मांग हो तो यहाँ शिकायत कर सकते हैं।
📌 शिकायत करते समय ध्यान रखें:
लिखित शिकायत दें और उसकी रसीद लें।
सभी दस्तावेज़ों की कॉपी साथ लगाएँ।
तारीख और घटना का पूरा विवरण लिखें।
संभव हो तो RTI (सूचना का अधिकार) भी लगा सकते हैं।